Pages

आइये आपका हृदयतल से हार्दिक स्वागत है

Saturday, October 6, 2012

जलता है मसाल-दिल पर

छाया है अकाल -दिल पर,
पाला है बवाल - दिल पर,
 
बैठा है मलाल - दिल पर,
लाखों हैं सवाल -दिल पर,
 
यादें हैं हलाल -- दिल पर,
तेरा है खयाल -- दिल पर,

देखा है कमाल --दिल पर,
जलता है मसाल-दिल पर,

जख्मों की मजाल-दिल पर,
करता है धमाल --दिल पर, 

मारे है कुदाल ---दिल पर,
दिखता है पताल - दिल पर,
 
अश्कों का उबाल - दिल पर,
आँखें हैं निहाल ---दिल पर,
 
आया है भूचाल ---दिल पर,
मौसम है गुलाल --दिल पर.

10 comments:

  1. Asha SaxenaOctober 6, 2012 at 4:31 PM

    अश्कों का उबाल ---दिल पर
    आँखें हैं निहाल--- दिल पर "
    पंक्ति बहुत अच्छी लगी |उम्दा प्रस्तुति |
    आशा

    ReplyDelete
    Replies
    1. "अनंत" अरुन शर्माOctober 6, 2012 at 4:47 PM

      बहुत-२ शुक्रिया आदरणीया आशा जी

      Delete
    Reply
  • सदाOctober 6, 2012 at 4:52 PM

    वाह ... हमेशा की तरह उत्‍कृष्‍ट प्रस्‍तुति।

    ReplyDelete
    Replies
    1. "अनंत" अरुन शर्माOctober 6, 2012 at 5:01 PM

      बहुत-२ शुक्रिया सदा जी तहे दिल से आभार

      Delete
    Reply
  • Dheerendra singh BhadauriyaOctober 6, 2012 at 6:20 PM

    सारे बवाल,,,,,दिल पर,,बेहतरीन प्रस्तुति,,,

    RECECNT POST: हम देख न सके,,,

    ReplyDelete
    Replies
    1. "अनंत" अरुन शर्माOctober 7, 2012 at 10:54 AM

      बहुत-२ शुक्रिया धीरेन्द्र सर

      Delete
    Reply
  • shaliniOctober 6, 2012 at 9:43 PM

    अच्छी प्रस्तुति अनंत जी!

    ReplyDelete
    Replies
    1. "अनंत" अरुन शर्माOctober 7, 2012 at 10:54 AM

      शुक्रिया शालिनी जी

      Delete
    Reply
  • संजय भास्करOctober 7, 2012 at 2:50 PM

    ग़ज़ब की कविता ... कोई बार सोचता हूँ इतना अच्छा कैसे लिखा जाता है

    ReplyDelete
    Replies
    1. "अनंत" अरुन शर्माOctober 7, 2012 at 3:24 PM

      बहुत-२ शुक्रिया संजय भाई

      Delete
    Reply
Add comment
Load more...

आइये आपका स्वागत है, इतनी दूर आये हैं तो टिप्पणी करके जाइए, लिखने का हौंसला बना रहेगा. सादर